Sad Shayari in Hindi

लगता है आज जिंदगी कुछ खफा है चलिए छोड़िये कौन सी पहली दफा है – गुलजार

मौत के नाम से, सुकून मिलने लगा,
जिंदगी ने, कम नही सताया हमको!

एक ये ख्वाहिश के कोई ज़ख्म न देखे दिल का,
एक ये हसरत कि कोई देखने वाला तो होता!

एक तुम ही मिल जाते बस इतना काफ़ी था,
सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम!

शेरो-शायरी तो दिल बहलाने का ज़रिया है साहब,
लफ़्ज़ कागज पर उतारने से महबूब नहीं लौटा करते!

मेरी हर शायरी मेरे दर्द को करेगी बंया ए गम,
तुम्हारी आँख ना भर जाएँ,कहीं पढ़ते पढ़ते।

तोड़ा कुछ इस अदा से ताल्लुक उसने ग़ालिब,
के सारी उम्र अपना क़सूर ढूँढ़ते रह गए!

बिखर जाते हैं,सर से पाँव तक,वो लोग,
जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह इश्क करते है!

वो तो शायरों ने लफ्जो से सजा रखा है,
वरना मोहब्बत इतनी भी हसीँ नही होती!

वो एक पल ही काफी है… जिसमे तुम शामिल हो,
उस पल से ज्यादा तो ज़िंदगी की ख्वाहिश ही नहीं मुझे!

आदत मेरी अंधेरों से डरने की डाल कर,
एक शख्स मेरी ज़िन्दगी को रात कर गया!

अफसोस होता है जब,
हमारी पसंद कोई और चुरा लेता है,
ख्वाब हम देखते हैं और,
हकीक़त कोई और बना लेता है!

लोग कहते हैं इश्क़ एक धोखा है,
हमने सुना ही नहीं आज़मा के देखा है,
पहले लूट लेते हैं प्यार में जान तक,
फिर कहते हैं कौन हो आप,
आपको कहीं देखा है!

ये न कह मोहब्बत मिलना किस्मत की बात है,
क्योंकि मेरी बर्बादी में तेरा भी हाथ है!

खुदा कभी किसी पे फ़िदा न करे,
अगर करे भी तो कभी कयामत तक जुदा न करे!

देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ,
हम पे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए।

दुआ करना दम भी उसी तरह निकले,
जिस तरह तेरे दिल से हम निकले!

अपनी ही मोहब्बत से मुकरना पड़ा मुझे,
जब देखा उसे रोता किसी और के लिए!

मेरी कोशिश कभी कामयाब ना हो सकी,
न तुझे पाने की न तुझे भुलाने की!

सीख कर गया है वो मोहब्बत मुझसे,
जिस से भी करेगा बेमिसाल करेगा!

पत्थर समझ कर पाँव से ठोकर लगा दी,
अफसोस तेरी आँख ने परखा नहीं मुझे,
क्या क्या उमीदें बांध कर आया था सामने,
उसने तो आँख भर के भी देखा नहीं मुझे।

जिसको आज मुझमे हजारो गलतिया नजर आती हैं,
कभी उसी ने कहा था तुम जैसे भी हो मेरे हो!

कमाल की मोहब्बत थी मुझसे उसको,
अचानक ही शुरू हुई और बिना बताये ही ख़त्म हो गई!

मैं बैठूंगा जरूर महफ़िल में मगर पियूँगा नहीं,
क्योंकि मेरा गम मिटा दे इतनी शराब की औकात नहीं!

उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी ,
जहा सारा शहर अपना था और तुम अजनबी!

अपनी तन्हाई में तनहा ही अच्छा हूँ,
मुझे ज़रूरत नहीं दो पल के सहारो की!

हर दर्द से बड़ा होता है ये जुदाई का दर्द,
क्योंकि इसमें एक लम्हा जीने के लिए सौ बार मरना पड़ता है!

इंसान की ख़ामोशी ही काफ़ी है,
ये बताने के लिये की वो अंदर से टूट चूका है!

रिश्ता बचाने के लिए झुकना पड़े तो झुक जाओ,
लेकिन हर बार तुम्हे ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।

किसी का दिल दुखाने के बाद बेहतर होगा की ,
तुम भी अपनी बारी का इंतज़ार करो।

काश अपना दिल बस में होता ,
ना किसी की याद आती न ये दिल रोता।

मोहब्बत नहीं थी तो बता दिया होता ,
तेरे इस Time Pass ने मेरी जिंदगी बर्बाद करके रख दी।

मेरा दर्द सिर्फ मेरा था ,
ये जान कर मुझे और भी दर्द हुआ।

तुम दिल तोड़ो और मैं माफ़ कर दु,
ये हर बार मुझसे नहीं होता।

दर्द दो तरह के होते है ,
एक वो जो आपको तकलीफ देता है,
दूसरा वो जो आपको बदल देता है।

कुछ लोग भरोसे के लिए रोते है ,
और कुछ लोग भरोसा करके रोते है।

सही गलत कुछ नहीं,
तेरे लिए तू सही,
मेरे लिए मैं सही।

खुदा सलामत रखे उनकी आँखो की रौशनी,
जिनकी नज़रों को हम चुभते बहुत है।

बदलते लोग,
बदलते रिश्ते और बदलता मौसम ,
चाहे दिखाई ना दे मगर महसूस जरूर होते है।

एक तू और एक वक़्त ,
अफ़सोस दोनों ही बदल गए।

कदर वो होती जो किसी की मौजूदगी में हो ,
जो किसी के जाने के बाद हो उसे पछतावा कहते है।

साथ तो जिंदगी भी छोड़ देती है ,
फिर शिकायत सिर्फ मोहब्बत से क्यों।

बस ताल्लुकात ही ना रहे तुझसे ,
मोहब्बत तो तुझसे आज भी करते है।

संघर्ष करते हुए मत घबराना क्योंकि संघर्ष के दौरान ही इंसान अकेला होता है,
सफलता के बाद तो सारी दुनिया साथ देती है।

कुछ लोग जाहिर नहीं करते है,
लेकिन परवाह बहुत करते है।

तुम याद नहीं आते ,
तुम याद रहते हो।

माना मौसम भी बदलते है मगर धीरे –धीरे ,
तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है।

कितना मुश्किल है उस शख़्स को मानना ,
जो रूठा भी न हो और बात भी न करे।

ना जाने मेरी मौत कैसी होगी ,
पर ये तो तय है कि तेरी बेवफाई से तो बेहतर होगी।

बार बार माफ़ तो किया जा सकता है,
मगर भरोसा नहीं।

सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी फ़साने होंगे,
रोना भी जरूरी होगा और आंसू भी छिपाने होंगे।

बेवफा तुम नहीं,
बदनसीब हम निकले।

तन्हाई बेहतर है मतलबी लोगों से।

तू अधूरी मोहब्बत तो कर,
वादा ,मैं पूरा इश्क़ दूंगी।

रिश्ते मौके के नहीं ,
भरोसे के मोहताज़ होते है।

कर गया तनहा जैसे कभी मिला ही न हो।

मतलब ख़तम होने पर …हर इंसान को रंग बदलते देखा है मैंने।