Love Shayari in Hindi

ज़िन्दगी के सफ़र में आपका सहारा चाहिए,
आपके चरणों का बस आसरा चाहिए,
हर मुश्किलों का हँसते हुए सामना करेंगे,
बस ठाकुर जी आपका एक इशारा चाहिए ।

जिस दिल में बसा था नाम तेरा हमने वो तोड़ दिया,
न होने दिया तुझे बदनाम बस तेरे नाम लेना छोड़ दिया ।

आशिक के नाम से सभी जानते हैं,
इतना बदनाम हो गए हम मयखाने में,
जब भी तेरी याद आती है बेदर्द मुझे,
तोह पीते हैं हम दर्द पैमाने में ।

हम इश्क़ के उस मुकाम पर खड़े है,
जहाँ दिल किसी और को चाहे तो गुन्हा लगता है ।

सच्चे प्यार वालों को हमेशा लोग गलत ही समझते है,
जबकि टाइम पास वालो से लोग खुश रहते है आज कल ।

गिलास पर गिलास बहुत टूट रहे हैं,
ख़ुशी के प्याले दर्द से भर रहे हैं,
मशालों की तरह दिल जल रहे हैं,
जैसे ज़िन्दगी में बदकिस्मती से मिल रहे हैं ।

सिर्फ वक़्त गुजारना हो तो किसी और को अपना बना लेना,
हम दोस्ती भी करते है तो प्यार की तरह ।

नशे में भी तेरा नाम लब पर आता है,
चलते हुए मेरे पाँव लड़खड़ाते हैं,
दर्द सा दिल में उठता है मेरे,
हसीं चेहरे पर भी दाग नजर आता है ।

हमने भी एक ऐसे शख्स को चाहा,
जिसको भुला न सके और वो किस्मत मैं भी नहीं ।

सच्चा प्यार किसी भूत की तरह होता है,
बातें तो सब करते है देखा किसी ने नहीं ।

मत पूछ ये की मैं तुझे भुला नहीं सकता,
तेरी यादों के पन्ने को मैं जला नहीं सकता,
संघर्ष यह है कि खुद को मारना होगा,
और अपने सुकून की खातिर तुझे रुला नहीं सकता ।

दुनिया को आग लगाने की ज़रूरत नहीं,
तू मेरे साथ चल आग खुद लग जाएगी ।

तरस गये है हम तेरे मुंह से कुछ सुनने को,
प्यार की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे ।

तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है,
वही है चाहत यादों की बरसात वही है,
हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से,
खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है ।

करने लगे जब शिकवा उससे उसकी बेवफाई का,
रख कर होठ को होठ से खामोश कर दिया ।

जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जो है पास आपके उसको सम्भाल कर रखना,
क्योंकि एक बार खोकर प्यार दोबारा नही मिलता ।

बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी बात होती है,
वो हजारो रातों में वो एक रात होती है,
जब निगाहें उठा कर देखते हैं वो मेरी तरफ,
तब वो ही पल मेरे लिए पूरी कायनात होती है ।

किसी न किसी को किसी पर एतवार हो जाता है,
एक अजनबी सा चेहरा ही यार हो जाता है,
खूबियों से ही नही होती मोहब्बत सदा,
किसी की कमियों से भी कभी प्यार हो जाता है ।

दिल का हाल बताना नही आता,
हमे ऐसे किसी को तड़पाना नही आता,
सुनना तो चाहतें हैं हम उनकी आवाज़ को,
पर हमे कोई बात करने का बहाना नही आता ।

हर कदम हर पल हम आपके साथ है,
भले ही आपसे दूर सही, लेकिन आपके पास हैं,
जिंदगी में हम कभी आपके हो या न हों,
लेकिन हमे आपकी कमी का हर पल एहसास हैं ।

इश्क करती हूँ तुझसे अपनी जिंदगी से ज्यादा,
मैं डरतीं हूँ मौत से नही तेरी जुदाई से ज्यादा,
चाहे तो हमे आज़मा कर देख किसी और से ज्यादा,
मेरी जिंदगी में कुछ नही तेरी आवाज़ से ज्यादा ।

जब खामोश निगाहों से बात होती है,
तो ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
हमतो बस खोये ही रहतें हैं उनके ख्यालों में,
पता ही नही चलता कब दिन कब रात होती है ।

हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करते हैं,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब मजाक लगता है ।

इस नजर ने उस नजर से बात करली,
रहे खामोश मगर फिर भी बात करली,
जब मोहब्बत की फ़िज़ा को खुश पाया,
तो दोनों निगाहों ने रो रो कर बरसात करली ।

तुझे देख कर ये जहाँ रंगीन नजर आता है,
तेरे बिना दिल को चैन कहां आता है,
तू ही है मेरे इस दिल की धड़कन,
तेरे बिना ये जहां बेकार नज़र आता है ।

तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है ।

इश्क सभी को जीना सीखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है,
इश्क नही किया तो करके देखना,
ज़ालिम हर दर्द सहना सिखा देता है ।

आपकी परछाई हमारे दिल में है,
आपकी यादें हमारी आँखों में हैं,
आपको हम भुलाएं भी कैसे,
आपकी मोहब्बत हमारी सांसो में हैं ।

नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं ।

हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाऐ हमें इतना मजबूर कर दो ।

अपनी कलम से दिल से दिल तक की बात करते हो
सीधे सीधे कह क्यों नहीं देते हम से प्यार करते हो ।

घायल कर के मुझे उसने पूछा,
करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,
लहू-लहू था दिल मेरा मगर,
होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा ।

नहीं है अब कोई जुस्तजू इस दिल में ए सनम,
मेरी पहली और आखिरी आरज़ू बस तुम हो ।

खड़े-खड़े साहिल पर हमने शाम कर दी,
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी,
ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी,
बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी ।

मेरे होंठो पर लफ्ज़ भी अब तेरी तलब लेकर आते हैं,
तेरे जिक्र से महकते हैं तेरे सजदे में बिखर जाते हैं ।

हम तो तेरी आवाज़ से प्यार करते हैं,
तस्सवुर में तेरे तन्हाइयों से प्यार करते हैं,
जो मेरे नाम से तेरे नाम को जोड़े ज़माने वाले,
उन चर्चों से अब हम प्यार करते हैं ।

ऐसा क्या बोलूं कि तेरे दिल को छू जाए,
ऐसी किससे दुआ मांगू कि तू मेरी हो जाए,
तुझे पाना नहीं तेरा हो जाना है मन्नत मेरी,
ऐसा क्या कर दूं कि ये मन्नत पूरी हो जाए ।

क्या चाहूँ रब से तुम्हें पाने के बाद,
किसका करूँ इंतज़ार तेरे आने के बाद,
क्यों मोहब्बत में जान लुटा देते हैं लोग,
मैंने भी यह जाना इश्क़ करने के बाद ।

भूल जाता हूँ मैं सबकुछ आपके सिवा, यह क्या मुझे हुआ है,
क्या इसी एहसास को दुनिया ने इश्क़ का नाम दिया है ।

आ के मेरी साँसों में बिखर जाओ तो अच्छा होगा,
बन के रूह मेरे जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा होगा,
किसी रात तेरी गोद में सिर रख के सो जाऊं,
फिर उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा होगा ।

लोग कहते हैं उसको खुदा की इबादत है,
ये मेरी समझ में तो एक जहालत है,
रात जाग के गुजरे, दिल को चैन न आए,
जरा बताओ दोस्तों क्या यही मोहब्बत है ।

मोहब्बत भी शराब के नशा जैसी है दोस्तों,
करें तो मर जाएँ और छोड़े तो किधर जाएँ ।

मेरे दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं,
कि तस्वीर-ए-यार हमने हर तरफ लगा रखी है ।

मैं तेरे प्यार में इतना ग़ुम होने लगा हूँ सनम,
जहाँ भी जाऊं बस तुम्हें ही सामने पाने लगा हूँ,
हालात यह हैं कि हर चेहरे में तू ही तू दिखता है,
ऐ मेरे खुदा अब तो मैं खुद को भी भुलने लगा हूँ ।

कैसे कहें कुछ भी कहा नहीं जाता,
दर्द मिलता है पर सहा नहीं जाता,
हो गया है इश्क आपसे बे-इन्तिहाँ,
कि अब तो बिन देखे आपको जिया नहीं जाता ।

एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह ।

वफ़ा कहती है इल्तेजा क्या करनी,
वो मोहब्बत ही क्या जो मिन्नतों से मिले ।

चाहत हुई किसी से तो फिर बेइन्तेहाँ हुई,
चाहा तो चाहतों की हद से गुजर गए,
हमने खुदा से कुछ भी न माँगा मगर उसे,
माँगा तो सिसकियों की भी हद से गुजर गये ।

कुछ ख़ास जानना है तो प्यार कर के देखो,
अपनी आँखों में किसी को उतार कर के देखो,
चोट उनको लगेगी आँसू तुम्हें आ जायेंगे,
ये एहसास जानना है तो दिल हार कर के देखो ।

न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत ।

लोगों ने रोज ही नया कुछ माँगा खुदा से,
एक हम ही हैं जो तेरे ख्याल से आगे न गये ।

राज़ खोल देते हैं नाजुक से इशारे अक्सर,
कितनी खामोश मोहब्बत की जुबान होती है ।

कोई रिश्ता जो न होता, तो वो खफा क्यों होता?
ये बेरुखी, उसकी मोहब्बत का पता देती है ।

मुझ में लगता है कि मुझ से ज्यादा है वो,
खुद से बढ़ कर मुझे रहती है जरुरत उसकी ।

मोहब्बत नाम है जिसका वो ऐसी क़ैद है यारों,
कि उम्रें बीत जाती हैं सजा पूरी नहीं होती ।

वो रख ले कहीं अपने पास हमें कैद करके,
काश कि हमसे कोई ऐसा गुनाह हो जाये ।

टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से,
मोहब्बत कौन कहता है कि पहचानी नहीं जाती ।

रूबरू मिलने का मौका मिलता नहीं है रोज,
इसलिए लफ्ज़ों से तुमको छू लिया मैंने ।

जन्नत-ए-इश्क में हर बात अजीब होती है,
किसी को आशिकी तो किसी को शायरी नसीब होती है ।

बहुत नायाब होते हैं जिन्हें हम अपना कहते हैं,
चलो तुमको इज़ाजत है कि तुम अनमोल हो जाओ ।

रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,
आओ देखो मेरी नजरों में उतार कर खुद को,
आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो ।

इजहार-ए-मोहब्बत पे अजब हाल है उनका,
आँखें तो रज़ामंद हैं लब सोच रहे हैं ।

दिल में ना हो जुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती,
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती ।

किसी से प्यार करो और तजुर्बा कर लो,
ये रोग ऐसा है जिसमें दवा नहीं लगती ।

इन्कार जैसी लज्जत इक़रार में कहाँ,
बढ़ता रहा इश्क ग़ालिब उसकी नहीं-नहीं से ।

आप और आपकी हर बात मेरे लिए ख़ास है,
यही शायद प्यार का पहला एहसास है ।

तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे मगर,
हमारी बेचैनियों की वजह… बस तुम हो ।

खुशबू बनकर तेरी साँसों में शमा जायेंगे,
सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जायेंगे,
महसूस करने की कोशिश तो कीजिये एक बार,
दूर रहते हुए भी पास नजर आएंगे ।

ये जिंदगी चाहे कितने पल की भी मिले,
बस यही दुआ है बस तेरे संग मिले ।

बस मुझे अपने बाहों में सुलालो,
फिर चाहे कितना भी मुझे रुला लो ।

हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे,
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो ।

वापस लौट आया है हवाओं का रुख मोड़ने वाला,
दिल में फिर उतर रहा है दिल तोड़ने वाला ।

किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है,
तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है,
दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया,
फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है ।

अपनों के बीच बेगाने हो गए हैं,
प्यार के लम्हे अनजाने हो गए हैं,
जहाँ पर फूल खिलते थे कभी,
आज वहां पर वीराने हो गए हैं ।

जो शख्स तेरे तसव्वुर से हे महक जाये,
सोचो तुम्हारे दीदार में उसका क्या होगा ।

मोहब्बत का एहसास तो हम दोनों को हुआ था,
फर्क सिर्फ इतना था की उसने किया था और मुझे हुआ था ।

सांसों की डोर छूटती जा रही है,
किस्मत भी हमे दर्द देती जा रही है,
मौत की तरफ हैं कदम हमारे,
मोहब्बत भी हम से छूटती जा रही है ।

समझता ही नहीं वो मेरे अलफ़ाज़ की गहराई,
मैंने हर लफ्ज़ कह दिया जिसे मोहब्बत कहते है ।

समंदर न सही पर एक नदी तो होनी चाहिए,
तेरे शहर में ज़िन्दगी कही तो होनी चाहिए ।

नज़रों से देखो तोह आबाद हम हैं,
दिल से देखो तोह बर्बाद हम हैं,
जीवन का हर लम्हा दर्द से भर गया,
फिर कैसे कह दें आज़ाद हम हैं ।

मुझे नहीं मालूम वो पहली बार कब अच्छा लगा,
मगर उसके बाद कभी बुरा भी नहीं लगा ।

तुमसे ही रूठ कर,
तुम्ही को याद करते हैं,
हमे तो ठीक से,
नाराज़ होना भी नहीं आता ।

नहीं बस्ती किसी और की सूरत अब इन आँखों में,
काश की हमने तुझे इतने गौर से न देखा होता ।

जिसने भर दिया दामन को बेरंग फूलों से,
उनके एक दर्द पर हम क्यों तड़पने लगते है ।

मुझसे वादा करो मुझे रुलाओगे नहीँ,
हालात जो भी हो मुझे भुलाओगे नहीं ।

हर पल हर लम्हा हम होते बेक़रार है,
तुझसे दूर होते है तो लगता है लाचार है,
बस एक बार देखो आँखों में मेरी,
मेरे इस दिल में तेरे लिए कितना प्यार है ।

हकीकत जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनने से पहले,
यह सोच लेना भूलने से पहले,
बहुत रोई है यह आँखें मुस्कुराने से पहले ।

हम ना अजनबी हैं ना पराए हैं,
आप और हम एक रिश्ते के साए हैं,
जब भी जी चाहे महसूस कर लीजिएगा,
हम तो आपकी मुस्कुराहट में समाए हैं ।

तेरा रूठना भी इतना अच्छा लगता है,
कि दिल करता है दिनभर तुझे छेड़ता ही रहूँ ।

मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुन कर,
तेरे नाम से इतनी मोहब्बत है तो सोच तुझसे कितनी होगी ।

आता नही था हमें इकरार करना,
ना जाने कैसे सीख गये प्यार करना,
रुकते ना थे दो पल कभी किसी के लिए,
ना जाने कैसे सीख गये इंतेज़ार करना ।

हमने देखा था खुद को तेरी सूरत में,
आईना देख कर अब रात कट जाती हैं ।

दिल की खिड़की से बाहर देखो ना कभी,
बारिश की बूँदों सा है एहसास मेरा ।

दिल में दर्द है आँखों में बेकरारी है,
हमें लगी इश्क की अजीब बीमारी है ।

मुस्कुराने से शुरू और रुलाने पर खत्म,
ये वो जुल्म है जिसे लोग मोहब्बत कहते हैं ।

Life में एक बार प्यार तो करना ही चाहिए,
सच्चा हो तो जिन्दगी बन जाती है और,
झूठा हो तो Experience मिल जाता है ।

मोहब्बत इतनी शिद्दत से करो कि,
वह धोखा देकर भी सोचे कि,
वापिस जाऊँ तो किस मुह से जाऊँ?

शराब तो यूँ ही बदनाम है,
हमने तो मोहब्बत के नशे में,
लोगों को मरते हुए देखा है ।

हजारों चेहरों में,
एक तुम ही दिल को अच्छे लगे,
वरना ना तो चाहत की कमी थी,
और ना ही चाहने वालो की ।

किसी ना किसी को,
किसी पर ऐतबार हो जाता है,
एक अजनबी सा चेहरा,
बेशुमार यार हो जाता है,
खूबियों से नहीं होती मोहब्बत सदा,
किसी की कमियों से भी कभी प्यार हो जाता है ।

नकाब से ढका था उसका पूरा बदन,
मगर आँखें बता रही थी कि वो मोहब्बत के शौकीन है ।

तेरे सिवा किसी और की चाहत नहीं,
तेरे सिवा किसी और से मोहब्बत नहीं ।

मेरी मोहब्बत की हद ना तय कर पाओगे तुम,
तुम्हें सांसों से भी ज्यादा मोहब्बत करते हैं हम ।

बदलना नहीं आता हमें मौसम की तरह,
हर एक रूप मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ,
ना तुम समझ सको कयामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है ।

कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना,
यूँ बात बढ़ा कर क्या करना,
तुम मेरे थे… तुम मेरे हो,
दुनिया को बता कर क्या करना।
तुम साथ निभाओ चाहत से,
कोई रस्म निभा कर क्या करना,
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो,
फिर तुमको मना कर क्या करना ।

उन हसीं पालो को याद कर रहे थे,
आसमान से आपकी बात कर रहे थे,
सुकून मिला जब हमे हवाओ ने बताया,
आप भी हमें याद कर रहे थे ।

वो नाराज होता तो,
उसे हर कीमत पर मना लेते,
वो रिश्ता ही नहीं रखना चाहता तो,
उसे मनाये कैसे?

सच्चे प्यार की यही पहचान है,
लड़ते हैं, झगड़ते हैं,
फिर भी…
एक-दुसरे के बिना रह नहीं पाते ।

तुम खास थे,
इसलिए लड़े तुमसे,
पराये होते तो,
मुस्कुरा कर जाने देते ।

तुमसे लड़ते झगड़ते हैं,
और नाराजगी भी रखते हैं,
पर तुम्हारे बिना जीने का,
ख्याल नहीं रखते ।

कभी नजर ना लगे,
तुम्हारी इस मुस्कान को,
दुनिया की हर खुशी मिले,
मेरी जान को ।

मोहब्बत सीखनी है तो मौत से सीखो,
जो एक बार गले लगा ले तो,
फिर किसी का होने नहीं देती ।

अगर मेरे नाम से कभी,
दिल धड़क उठे तुम्हारा,
तो समझ लेना…
प्यार झूठा नहीं था हमारा ।

नसीब वाले होते हैं वो लोग,
जिनकी फिकर और प्यार करने वाला कोई होता है ।

वो नकाब लगा कर खुद को,
इश्क से महफूज समझते रहे,
नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क,
चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है ।

वह कहता है सोच लेना था,
मोहब्बत करने से पहले,
अब उसे कौन बताये?
सोच कर तो साजिश की जाती है ।

दिल की आवाज को इजहार कहते हैं,
झुकी निगाह को इकरार कहते हैं,
सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं,
कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं ।

मोहब्बत हो कर भी हम,
तुमसे छुपते फिरते हैं,
तुम्हें अनदेखा कर फिर,
छुप छुप कर देखा करते हैं ।

शिकायत तो खुद से है,
तुमसे तो आज भी इश्क है ।

हमें क्या मालूम था,
इश्क होता क्या है?
तुम मिले और,
जिन्दगी मोहब्बत बन गयी ।

खुद पूछो अपने दिल से कि,
क्या वो मुझको भुलाना चाहता है?
अगर वह हां कह दे तो,
कसम से मोहब्बत छोड़ देंगे ।

शायराना सी हो जाती है फिजाएं खुद-ब-खुद,
तेरे करीब होने का जब-जब एहसास होता है ।

पता नहीं ये प्यार है या मेरी नादानी,
बस हल पल तुम्हे याद करना,
मुझे अच्छा लगता है ।

यूँ शक ना किया करो मेरी मोहब्बत पे,
तुम्हारे बिना भी हम तुम्हारे रहते हैं ।

माना कि तुम मेरे नहीं,
पर मुलाकात कर लो,
होठों से ना सही,
आँखों से ही बात कर लो ।

मुझे पता है मेरी खुद्दारियां तुम्हें खो देगी,
मै भी क्या करू, मुझे मांगने की आदत नहीं ।

तुम्हारे एक लम्हे पर भी हक नहीं मेरा,
ना जाने तू किस हक से,
मेरे हर लम्हे में शामिल है ।

तुमसे अच्छा तो,
हम चाँद से मोहब्बत कर लेते,
लाख दूर सही,
पर नजर तो आता हैं ।

नाम तेरा ऐसे लिख चुके हैं,
अपने वजूद पर,
कि तेरा नाम कहीं भी सुन लु तो,
दिल धड़क जाता है ।

तुम्हारी दुनिया में हम जैसे हजारों होंगे,
लेकिन मेरी दुनिया में,
तुम्हारे सिवा कोई नहीं है ।

दिल उनके लिए ही मचलता है,
ठोकर खाता है, और संभलता है,
किसी ने इस कदर कर लिया दिल पर कब्जा,
दिल मेरा है पर उनके लिए ही धड़कता है ।

प्यार की आंच से तो पत्थर भी पिघल जाता हैं,
सच्चे दिल से साथ दे तो नसीब भी बदल जाता हैं,
प्यार की राहों पर गर मिल जाये सच्चा हमसफ़र,
तो कितना भी गिरा हुआ इंसान भी संभल जाता हैं

हर पल आपको हंसाना, आपसे बातें करना,
थोड़ा लड़ना और हद से ज्यादा प्यार करना,
बस यही तो है, मेरी जिंदगी ।

ना तुम हमसे मिलो,
ना हम गुजारिश करेंगे,
खुश रहो, जहाँ रहो…
बस खुदा से यही सिफारिश करेंगे ।

चुरा के नजर हमसे,
आखिर कहाँ तक जाओगे?
अगर तकदीर में होंगे तो,
एक दिन मिल ही जाओगे ।

कुछ तो नशा होगा,
तेरे इश्क में…ए दिलबर,
सारी आदतें अपनी छोड़ के,
तलब तेरी जो लगा बैठे हम ।

ऐसा सहारा बनेंगे तुम्हारा कि,
कभी टूट ना पाओगे,
और इतना चाहेंगे तुम्हें कि,
कभी रूठ ना पाओगे ।

अब देखो किसकी जान जाती है?
मैंने उसकी और उसने मेरी,
कसम खाई है ।

और कितना प्यार करू मैं तुम्हे, की तुम्हे दिल में रख कर भी दिल नहीं भरता ।

बहुत बुरे हो तुम, फिर भी तुमसे अच्छा कोई नहीं लगता ।

सोचा था आज तेरे सिवा कुछ और सोचूं,
अभी तक इस सोच में हूँ, कि और क्या सोचूं?

तुम मेरी जिंदगी की वो कमी हो,
जो मेरी जिंदगी में जिंदगी भर रहेगी ।

मत पूछ वजह की क्यू चाहती हूँ तुझे,
क्योंकि सच्चा इश्क वजह से नहीं बेवजह होता है ।

सच्ची मोहब्बत कभी खत्म नहीं होती,
वक़्त के साथ खामोश हो जाती है ।

मैं चाहती हूँ तुम पे, सिर्फ मेरा हक़ हो ।

मुकम्मल ना सही अधूरा ही रहने दो,
ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं है ।