Janmashtami Wishes in Hindi

राधा की चाहत है कृष्णा,
उसके दिल की विरासत है कृष्णा,
चाहें कितना भी रास रचा ले कृष्णा,
दुनिया तो फिर भी कहती है,
राधे-कृष्णा, राधे-कृष्णा।


नंद घरे आनंद भर्यो जय कनैया लाल कि,
हाथी घोड़ा पालकी, जय कनैया लाल कि,
आप को जन्माष्टमी कि खूब बधाईया।


माखन चुराकर जिसने खाया,
बंसी बजाकर जिसने नचाया,
खुशी मनाओ उसके जनंदिन की,
जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया।
हॅप्पी जन्माष्टमी!


नन्द के घर आनंद भयो , हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की शुभ जन्मआष्ट्मी।


होता है प्यार क्या दुनिया को जिसने बताया दिल के रिश्तों को जिसने प्रेम से सजाया आज उन श्री कृष्ण का जन्मदिन है हैप्पी बर्थडे कृष्ण जी।


श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,हे नाथ नारायण वासुदेवा,एक मात स्वामी सखा हमारे,हे नाथ नारायण वासुदेवा जय श्री कृष्ण।


मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया जमुना के तट पे विराजे हैं,
मोर मुकुट पर कानों में कुण्डल कर में मुरलिया साजे है।


कृष्णा जिनका नाम, गोकुल जिनका धाम, ऐसे श्री कृष्णा भगवन को, हम सबका प्रणाम।


पलकें झुकें , और नमन हो जाए,
मस्तक झुके, और वंदन हो जाए,
ऐसी नज़र, कंहाँ से लाऊँ, मेरे कन्हैया,
कि आपको याद करूँ और आपके दर्शन हो जाए।
कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये!


माखन का कटोरा मिश्री का थाल, मिटटी की खुशबु बारिश की फुहार, राधा की उम्मीदें कन्हैया का प्यार, मुबारक हो जन्माष्टमी का त्यौहार।


फिर कृष्ण जन्माष्टमी आयी है,
माखन की हांडी ने फिर मिठास बढ़ाई है,
कान्हा की लीला है सबसे प्यारी,
वो दे तुम्हे दुनिया भर की खुशिया सारी।
नन्द के लाला को हमारा बार-बार नमस्कार!


नन्द के लाला को हमारा बार-बार नमस्कार,
श्री कृष्ण के कदम आपके घर आये,
आप खुशियो के दीप जलाये,
वृंदावन का रास रचइया, आ गया नन्द लाल कृष्ण कन्हैया।
हैप्पी जन्माष्टमी!


जन्माष्टमी के इस अवसर पर , हम ये कामना करते हैं कि श्री कृष्ण की कृपा आप पर, और आपके पूरे परिवार पर हमेशा बनी रहे।शुभ जन्मआष्टमी।


नन्द के लाला को हमारा बार-बार नमस्कार,
श्री कृष्ण के कदम आपके घर आये,
आप खुशियो के दीप जलाये,
वृंदावन का रास रचइया, आ गया नन्द लाल कृष्ण कन्हैया।
हैप्पी जन्माष्टमी!


मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है करते हो तुम कन्हिया मेरा नाम हो रहा है!


नन्द के घर आनंद भयो ,हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की! शुभ जन्मआष्ट्मी!


श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ,हे नाथ नारायण वासुदेवा ,एक मात स्वामी सखा हमारे ,हे नाथ नारायण वासुदेवा.जय श्री कृष्ण!


नन्द के घर आनंद ही आनंद भयो ,जो नन्द के घर गोपाल आयो ,जय हो मुरलीधर गोपाल की ,जय हो कन्हिया लाल की, Happy Janmashtami.


गोकुल में जिसने किया निवास, उसने गोपियों के संग रचा इतिहास , देवकी-यशोदा जिनकी मैया , ऐसे है हमारे कृषण कन्हैया! शुभ जन्मआष्ट्मी!


होता है प्यार क्या दुनिया को जिसने बताया,दिल के रिश्तों को जिसने प्रेम से सजाया,आज उन श्री कृष्ण का जन्मदिन है. हैप्पी बर्थडे कृष्ण जी!


कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे ,चरणों में बैठा के तार दे जय श्री कृष्ण!


कृष्णा जिनका नाम , गोकुल जिनका धाम , ऐसे श्री कृष्णा भगवान् को हम सब का प्रणाम , जन्माष्टमी की हार्दिक शुभ कामनाएँ।


पलकें झुकें , और नमन हो जाए,मस्तक झुके, और वंदन हो जाए,ऐसी नज़र, कंहाँ से लाऊँ, मेरे कन्हैया कि आप को याद करूँ ,और आपके, दर्शन हो जाए जय श्री कृष्णा!


श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,हे नाथ नारायण वासुदेवा,एक मात स्वामी सखा हमारे,हे नाथ नारायण वासुदेवा!


जन्माष्टमी के इस अवसर पर,हम ये कामना करते हैं कि श्री कृष्ण की कृपा आप पर,और आपके पूरे परिवार पर हमेशा बनी रहे।


राधा की भक्ति ,मुरली की मिठास ,माखन का स्वाद और गोपियों का रास ,सब मिलके बनाते हैं जन्माष्टमी का दिन ख़ास।


आओ मिलकर सजाये नन्दलाल को,आओ मिलकर करें उनका गुणगान!जो सबको राह दिखाते हैं,और सबकी बिगड़ी बनाते हैं!शुभ जन्मआष्ट्मी!


माखन चुराकर जिसने खाया,बंसी बजाकर जिसने नचाया,ख़ुशी मनाओ उनके जन्मदिन की,जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया।


माखन चोर नन्द किशोर,बांधी जिसने प्रीत की डोर,हरे कृष्ण हरे मुरारी,पुजती जिन्हें दुनिया सारी,आओ उनके गुण गाएं सब मिल के जन्माष्टमी मनाये!


ओ पालन हारे निर्गुण ओ न्यारे तुमरे बिन हमरा कउनु नाहीं हमारी उलझन सुलझाओ भगवन तुम्हे हमको है संभाले,तुम्ही हमारे रखवाले!


राधे -राधे जपो चले आएंगे बिहारी ,आएंगे बिहारी चले आएंगे बिहारी। राधे – राधे।


कान्हा!ओ!कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार ओ!कान्हा। मोहे चाकर समझ निहार.कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार।


बाल रूप है सब को भाता माखन चोर वो कहलाया है, आला आला गोविंदा आला बाल ग्वालों ने शोर मचाया है, झूम उठे हैं सब ख़ुशी में, देखो मुरली वाला आया है, कृष्णा जन्माष्टमी की बधाई!


कन्हिया की महिमा,कन्हिया का प्यार,कन्हिया में श्रद्धा,कन्हिया से संसार,मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्यौहार। बोलो राधे राधे।


राधे जी का प्रेम ,मुरली की मिठास ,माखन का स्वाद ,गोपियों का रास ,इन्ही से मिलके बनता है जन्माष्टमी का दिन ख़ास।


राधा की चाहत है कृष्णा , उनके दिल की विरासत है कृष्णा , चाहे कितना भी रास रच ले कृष्णा , दुनिया तो फिर भी यही कहती है राधे – कृष्णा !


माखन का कटोरा , मिश्री का थाल , मिट्टी की खुशबू , बारिश की फुहार , राधा की उम्मीद कन्हिया का प्यार , मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्यौहार।


प्रेम से श्री कृष्ण का नाम जपो , दिल की हर इच्छा पूरी होगी , कृष्ण आराधना में तल्लीन हो जाओ , उनकी महिमा जीवन खुशहाल कर देगी।


माखन -चोर नन्द -किशोर , बाँधी जिसने प्रीत की डोर , हरे कृष्णा हरे मुरारी , पूजती जिन्हें दुनिया सारी , आओ उनके गुण गायें , सब मिलके जन्माष्टमी मनाएँ।


श्री कृष्ण के कदम आपके घर आये , आप खुशियों के डीप जलाएँ , परेशानी आपसे आँखे चुराएँ , कृष्णा जन्मोस्तव की आप सबको शुभकामनायें।


अच्युयत्म केशवं कृष्ण दामोदरं राम नारायणं जानकी वल्लभं !


श्रीकृष्ण के कदम आपके घर आएं, आप खुशियों के दीप जलाएं, परेशानी आपसे आंखें चुराएं, कृष्ण जन्मोत्सव की आपको शुभकामनाएं.


प्रेम से श्री कृष्ण का नाम जपो, दिल की हर इच्छा पूरी होगी, कृष्ण आराधना में लीन हो जाओ, उनकी महिमा जीवन खुशहाल कर देगी.


आओ मिलकर सजाएं नन्दलाल को, आओ मिलकर करें उनका गुणगान, जो सबको राह दिखाते हैं, और सबकी बिगड़ी बनाते हैं.


माखनचोर नन्द किशोर,बांधी जिसने प्रीत की डोर, हरे कृष्ण हरे मुरारी,पूजती जिन्हें दुनिया सारी, आओ उनके गुण गाएं, सब मिलकर जन्माष्टमी मनाएं.


माखन चुराकर जिसने खाया, बंसी बजाकर जिसने नचाया, खुशी मनाओ उसके जन्मदिन की, जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया.


मिसरी से मीठे नंदलाल के बोल, इनकी बातें हैं सबसे अनमोल. जन्‍माष्‍टमी के इस पावन अवसर पर दिल खोलकर जय श्रीकृष्‍णा बोल.


कृष्ण की महिमा, कृष्ण का प्यार, कृष्ण की श्रद्धा, कृष्ण में ही संसार, मुबारक हो आप सभी को जन्माष्टमी का त्योहार.


गोकुल में है जिसका वास, गोपियों संग जो करे रास, देवकी यशोदा जिसकी मैया, ऐसे हैं हमारे कृष्ण कन्हैया


चंदन की खुशबू को रेशम का हार, सावन की सुगंध और बारिश की फुहार, राधा की उम्मीद को कन्हैया का प्यार, मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्योहार


कृष्णा तेरी गलियों का जो आनंद है, वो दुनिया के किसी कोने में नहीं, जो मजा तेरी वृंदावन की रज में है, मैंने पाया किसी बिछौने में नहीं!


काजर धारु किरकिरा जो सुरमा दिया न जाए, इन नैनन में पिय बसे दूजा कौन समाए, दूजा कौन समाए!