Independence Day Quotes in Hindi

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Raksha Bandhan (Rakhi) 2022

Raksha Bandhan (Rakhi) Wishes 2022

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मुझे तन चाहिए ना धन चाहिए,
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए,
जब तक जिन्दा रहूँ इस मातृभूमि के लिए,
और मरुँ तो तिरंगा कफन चाहिए।

तैरना है तो समंदर में तैरों नालों में क्या रखा है,
प्यार करना है तो देश से करो औरों में क्या रखा है।

ना जियो धर्म के नाम पर ना मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत है धर्म वतन का बस जियो वतन के नाम पर।

वतन है मेरा सबसे महान,
प्रेम सौहार्द का दूजा नाम,
वतन-ए-आबरू पर है सब कुर्बान,
शांति का दूत है मेरा हिन्दुस्तान।

आगे झुके,सलाम करे उनको जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून, जो देश के काम आता है।

काले गोरे का भेद नहीं,
इस दिल से हमारा नाता है,
कुछ और न आता हो हमको,
हमें प्यार निभाना आता है।

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं,
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं।

तिरंगा हमारा है शान-ए-जिंदगी वतन परस्ती है,
वफा-ए-जमी, देश के लिए मर मिटना कुबूल है हमें,
अखंड भारत के स्वप्न का जुनून है हमें।

काँटों में भी फूल खिलाएं,
इस धरती को स्वर्ग बनाएं,
आओ, सबको गले लगाएं,
हम स्वतंत्रता का पर्व मनाएं।

ये बात हवाओ को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागो को जलाये रखना.
लहू देकर जिसकी हिफाज़त हमने की,
ऐसे तिरंगे को सदा दिल मे बसाये रखना।

अलग है भाषा धरम जात,
और प्रांत भेष परिवेश,
पर हम सबका एक ही गौरव,
राष्ट्र ध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।

न मस्जिद को जानते हैं न शिवालों को जानते हैं,
जो भूखे पेट होते हैं,वो सिर्फ निवालों को जानते हैं,
मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है,
की मेरा चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है,
में अमन पसंद हूँ,मेरे शहर में दंगा रहने दो,
लाल और हरे में मत बांटो,मेरी छत पर तिरंगा रहने दो।

ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं,
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं।

मुकम्मल है इबादत और मैं वतन ईमान रखता हूँ,
वतन के शान की खातिर हथेली पे जान रखता हूँ,
क्यु पढ़ते हो मेरी आँखों में नक्शा पाकिस्तान का,
मुस्लमान हूँ मैं सच्चा, दिल में हिंदुस्तान रखता हूँ।

ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई ,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई ,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता।

यदि प्रेरणा शहीदों से नहीं लेंगे,
तो ये आजादी ढलती हुई साँझ हो जायेगी,
और पूजे न गए, वीर,
तो सच कहता हूँ कि नौजवानी बाँझ हो जायेगी।

देश के उन वीर जवानों को सलाम,
जो सुरक्षा का एहसास दिलाते हैं,
जो हथेली पर रखकर जान,
हमारी हिफाजत का जिम्मा उठाते हैं।

तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान हैं,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान हैं,
यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान हैं,
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं।

भूल न जाना भारत मां के सपूतों का बलिदान,
इस दिन के लिए हुए थे जो हंसकर कुरबान,
आजादी की ये खुशियां मनाकर लो ये शपथ,
कि बनाएंगे देश भारत को और भी महान।

आओ देश का सम्मान करें,
शहीदों की शहादत याद करे,
एक बार फिर से राष्ट्र की कमान,
हम हिंदुस्तानी अपने हाथ धरे,
आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करे।

गंगा यमुना यहाँ नर्मदा,
मंदिर मस्जिद के संग गिरजा,
शांति प्रेम की देता शिक्षा,
मेरा भारत सदा सर्वदा।

लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर,
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर,
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर,
कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर।

गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है,
सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है,
दिल से तुमको नमन हैं करते,
ये आजाद वतन जो दिलाया है।

कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को,
जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा,
हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की,
इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा।

देशभक्तों से ही देश की शान है,
देशभक्तों से ही देश का मान है,
हम उस देश के फूल हैं यारों,
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है।

देश को आजादी के नए अफसानों की जरूरत है,
भगत-आजाद जैसे आजादी के दीवानों की जरूरत है,
भारत को फिर देशभक्त परवानों की जरूरत है।

लड़ें वो वीर जवानों की तरह,
ठंडा खून फ़ौलाद हुआ,
मरते-मरते भी मार गिराए,
तभी तो देश आज़ाद हुआ।

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं,
इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं,
मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं,
कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं।

है नमन उनको, जो यशकाय को अमरत्व देकर,
इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं,
है नमन उनको, जिनके सामने बौना हिमालय,
जो धरा पर गिर पड़े, पर आसमानी हो गये हैं।

हम आजाद हैं, ये आजादी कभी छिनने नहीं देंगे,
तिरंगे की शान को हम कभी मिटने नहीं देंगे,
कोई आंख भी उठाएगा जो हिंदुस्तान की तरफ,
उन आंखों को फिर दुनिया देखने नहीं देंगे।

मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा,
ये मुल्क मेरी जान है,
इसकी रक्षा के लिए,
मेरा दिल और जां कुर्बान है।

वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई,
रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई,
दिल हमारे एक है एक है हमारी जान,
हिंदुस्तान हमारा हैं हम हैं इसकी शान।

सदा ही लहराता रहे ये तिरंगा हमारा,
सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा,
गूंज उठता हैं जहां में चारो ओर,
लोगो की जुबान से वन्दे मातरम का नारा,
वतन की सर बुलंदी के लिए ये दिल क्या,
ख़ुशी ख़ुशी मिट जाए ये जिस्म भी हमारा,
जो शहीद हो गए वो अमर कहलाये अक्सर,
उनकी कुरबानियों के आगे सदा नमन हमारा,
इस देश के वासी बखूबी ये जानते हैं की,
सोने की चिड़िया कहलाता प्यारा देश हमारा।

ना पूछो ज़माने को,
क्या हमारी कहानी हैं,
हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं,
की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं।

इश्क़ तो करता हैं हर कोई
मेहबूब पे मरता हैं हर कोई,
कभी वतन को मेहबूब बना कर देखो,
तुझ पे मरेगा हर कोई।

मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है,
है दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ़ ले कुरान,
इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर,
हैं मेरा बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाए सारा हिन्दुस्तान।

चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले,
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले,
जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे,
देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले।

संस्कार और संस्कृति की शान मिले ऐसे,
हिन्दू मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले ऐसे,
हम मिलजुल के रहे ऐसे की,
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे।

कभी ठंड में ठिठुर कर देख लेना,
कभी तपती धूप में जल के देख लेना,
कैसे होती हैं हिफ़ाजत मुल्क की,
कभी सरहद पर चल के देख लेना।

देश भक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं,
कह दो उन्हें सीने पर जो जख्म हैं,
सब फूलों के गुच्छे हैं,
हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।

भारत का वीर जवान हूँ मैं,
ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं,
जख्मो से भरा सीना हैं मगर,
दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं,
भारत का वीर जवान हूँ मैं।

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे,
बची हो जो एक बूंद भी लहू की,
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे।

कुछ नशा तिरंगे की आन का हैं,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का हैं,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं।

ना मरो सनम बेवफा के लिए,
दो गज़ जमीन नहीं मिलेगी दफ़न होने के लिए,
मरना हैं तो मरो वतन के लिए,
हसीना भी दुप्पट्टा उतार देगी तेरे कफ़न के लिए।

काश मेरी जिंदगी मे सरहद की कोइ शाम आए,
मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए,
ना खौफ है मौत का ना आरजु है जन्नत की,
लेकिन जब कभी जिक्र हो शहीदो का,
काश मेरा भी नाम आए।। काश मेरा भी नाम आए।

मेरा हिंदुस्तान महान था,
महान हैं और महान रहेगा,
होगा हौसला सबके दिलो में बुलंद,
तो एक दिन पाक भी जय हिन्द कहेगा।

मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।

दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका, जब तक दिल में जान हैं।

बेबी को बेस पसन्द हैं, सलमान को केस पसन्द हैं,
मोदी को विदेश पसन्द हैं, और मुझे मेरा देश पसंद हैं।

अब तक जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है,
जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है।

देश भक्तों के बलिदान से स्वतंत्र हुए हैं हम,
कोई पूछे कौन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय हैं हम।

लिपट कर बदन कई तिरंगे में आज भी आते हैं,
यूँ ही नहीं दोस्तों हम ये पर्व मनाते हैं।

शहीदों के त्याग को हम बदनाम नही होने देंगे,
भारत की इस आजादी की कभी शाम नही होने देंगे।

जश्न आज़ादी का मुबारक हो देश वालो को,
फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को।

जिस दिन रास्ते पर तिरंगा बैचने वाले बच्चे न दिखे उस दिन सोचना हम आज़ाद हो गये।

जिक्र अगर हीरो का होगा,
तो नाम हिंदुस्तान के वीरों का होगा।

वो ज़िन्दगी ही क्या जिसमे देशभक्ति ना हो,
और वो मौत ही क्या जो तिरंगे में ना लिपटी हो।

भारत की फिजांओ को सदा याद रहूँगा,
आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा।

जिस देश में पैदा हुए हो तुम, उस देश के अगर तुम भक्त नहीं,
नहीं पिया दूध माँ का तुमने और बाप का तुम में रक्त नहीं।
वन्देमातरम स्वतंत्रता दिवस मुबारक हो!

कुछ तो बात है मेरे देश की मिट्टी में साहेब,
सरहदें कूद के आते हैं यहाँ दफ़न होने के लिए।

आर्मी तो है देश की शान,
जिन्दादिली है जिसकी पहचान।

उन आँखों की दो बूंदों से सातों सागर हारे हैं,
जब मेहँदी वाले हाथों ने मंगल-सूत्र उतारे हैं।

मरने के बाद भी जिसके नाम मे जान हैं,
ऐसे जाबाज़ सैनिक हमारे भारत की शान है।

आन देश की शान देश की, देश की हम संतान हैं,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है।

आओ झुक कर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है।
स्वतंन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ!

वतन है मेरा सबसे महान,
प्रेम सौहार्द का दूजा नाम,
वतन-ए-आबरू पर है सब कुर्बान,
शांति का दूत है मेरा हिन्दुस्तान।
स्वतंन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ!

हिन्दु , मुस्लिम, सिख, ईसाई,
आपस में हम भाई - भाई,
इसी भावना को दिलो में लेकर,
अपना स्वतंत्राता दिवस मनाये,
और हम बस भारतीय कहलाये।
स्वतंन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ!

आज दिन है उन शहीदों के बलिदान को याद करने का ,
जिनके जोश और हिम्मत से हमें आज़ादी नसीब हुईं,
आज दिन है एक और नई शुरुआत करने का।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो,
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो,
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!

हम उनको प्रणाम करते है, जो मिट गये देश पर,
चढ गये जो हंसकर सूली, खाई जिन्होंने सीने पर गोली,
हम उनको सलाम करते है।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!

तिरंगा हमारा है शान ए ज़िन्दगी,
वतन परस्ती है वफा - ए - जमीं,
देश के लिए मर मिटना कबूल है हमें,
अखंड भारत के स्वपन का जूनून हमें।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!

जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है,
जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है,
मारना है तो मरो वतन के लिए तिरंगा तो मिले कफन के लिए।
स्वतंत्र दिवस मुबारक हो!

अगर भारत को है महान बनाना,
पूरे जनसमुदाय को होगा साथ निभाना,
भ्रष्ट नेताओं को होगा हटाना,
भ्रष्टाचार को होगा मिटाना।
स्वतंत्र दिवस मुबारक हो!